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बोलने की गति का टेस्ट

आप एक मिनट में कितने शब्द बोलते हैं? एक छोटा पाठ पढ़ें या एक मिनट बोलें, और अपनी गति, अपने तकिया कलाम और बेहतर होने के तरीक़े जानें।

बोलने की गति का टेस्ट

इस पाठ को ज़ोर से उसी गति से पढ़ें जो आप किसी प्रेज़ेंटेशन में रखते हैं। घड़ी पहले शब्द पर शुरू और आख़िरी पर रुक जाती है।

बहुत कम लोग यह सुन पाते हैं कि हम असल में कितनी तेज़ बोलते हैं। आम बातचीत में सामने वाला सिर हिलाता है, कोई सवाल पूछता है, और रफ़्तार अपने आप ठीक हो जाती है। वीडियो कॉल या मंच पर यह प्रतिक्रिया गायब हो जाती है। घबराहट हमें तेज़ बोलने पर मजबूर करती है। अच्छी रफ़्तार वह है जिसे आपके सुनने वाले बिना मेहनत के समझ सकें। उसमें ज़रूरी बातों के बाद छोटे ठहराव की जगह होती है, ताकि हर विचार पहुँचने का मौका पाए। यह शांत भी लगती है, और आप ज़्यादा आत्मविश्वासी दिखते हैं। अपनी रफ़्तार जानने का सबसे आसान तरीका उसे नापना है। इस पाठ को ज़ोर से ऐसे पढ़ें जैसे आप किसी समूह के सामने प्रस्तुत कर रहे हों। न जल्दी करें, न अभिनय। बस साफ़ बोलें, हर पूर्ण विराम पर साँस लें, और शब्दों को उनकी स्वाभाविक रफ़्तार से आने दें। आपका नतीजा अंत में दिखेगा।

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बोलने की औसत गति

प्रेज़ेंटेशन में ज़्यादातर लोग लगभग 120 से 160 शब्द प्रति मिनट बोलते हैं; रोज़मर्रा की बातचीत तेज़ होती है। प्रेज़ेंटेशन के लिए आरामदायक औसत 140 शब्द प्रति मिनट है। आम दायरे (व्यक्ति और मौक़े के अनुसार बहुत बदलते हैं):

मौक़ाआम गति
धीमी, ठहराव वाली बात (शोक सभा, बड़े हॉल)100–120 शब्द/मिनट
प्रेज़ेंटेशन, व्याख्यान, वीडियो कॉल120–150 शब्द/मिनट
रोज़मर्रा की बातचीत150–200 शब्द/मिनट
तेज़ बोलने वाले और सेल्स पिच170 शब्द/मिनट से ज़्यादा

अपने नतीजे को भाषण समय कैलकुलेटर में इस्तेमाल करें ताकि पता चले आपका भाषण आपकी गति पर कितना समय लेगा।

शब्द प्रति मिनट कैसे निकालें

शब्द प्रति मिनट = शब्दों की संख्या ÷ बोलने के मिनट। तय लंबाई का पाठ ज़ोर से पढ़ें, समय नोट करें, और भाग दें। जैसे 1 मिनट 15 सेकंड (1.25 मिनट) में 150 शब्द यानी 120 शब्द प्रति मिनट। बातचीत के लिए, एक मिनट की स्वाभाविक बात रिकॉर्ड करें, लिखित प्रतिलेख के शब्द गिनें, और बोलने के समय से भाग दें।

आम तकिया कलाम

हिन्दी में सबसे आम तकिया कलाम, और सुनने वाले पर उनका असर:

तकिया कलामयह क्या करता है
हम्म, अम्म, आँऐसी आवाज़ें जो सोचते समय चुप्पी भरती हैं।
मतलब, यानीअक्सर उसी बात को दोहराने से पहले आते हैं जो अभी कही है।
वो…हर जवाब की शुरुआत में: «वो… मेरा मतलब है…»।
जैसे कि, मसलनउदाहरण से पहले समय लेने के लिए।
बेसिकली, असल में, सच मेंज़ोर देने वाले शब्द जो शायद ही अर्थ बढ़ाते हैं।
ठीक है ना? समझे? है ना?वाक्य के अंत में ऐसे सवाल जिनका कोई जवाब नहीं देता।

थोड़े तकिया कलाम आम बात है और अपनापन भी दे सकते हैं। समस्या तब बनती है जब सुनने वाले उन्हें महसूस करने लगें।

धीमे कैसे बोलें

  • हर पूर्ण विराम पर साँस लें। इससे स्वाभाविक ठहराव आता है और आवाज़ स्थिर होती है।
  • छोटे वाक्य लिखें। लंबे वाक्य आपको साँस ख़त्म होने से पहले अंत तक भागने पर मजबूर करते हैं।
  • स्थिर गति पर अभ्यास करें। हमारा मुफ़्त टेलीप्रॉम्प्टर आपकी चुनी गति से चलता है; 130–140 शब्द प्रति मिनट पर साथ पढ़ना शांत लय सिखाता है।
  • ज़रूरी शब्दों पर ज़ोर दें। मुख्य शब्दों और आँकड़ों पर धीमे होना पूरी बात को ज़्यादा शांत और स्पष्ट बनाता है।
  • जल्दी ख़त्म करने की योजना रखें। स्क्रिप्ट समय से लंबी हो तो तेज़ बोलने के बजाय उसे काटें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंसान एक मिनट में कितने शब्द बोलता है?

प्रेज़ेंटेशन और वीडियो कॉल में, अंग्रेज़ी भाषण की गाइडों के अनुसार 120 से 160 शब्द प्रति मिनट। 140 एक आरामदायक संदर्भ है: इतना तेज़ कि जीवंत लगे, इतना धीमा कि लोग साथ चल सकें।

मैं अपने शब्द प्रति मिनट कैसे नापूँ?

ऐसा पाठ ज़ोर से पढ़ें जिसके शब्दों की संख्या पता हो, समय नोट करें, और शब्दों को मिनट से भाग दें। 150 शब्दों का पाठ 1 मिनट 15 सेकंड में पढ़ा जाए तो 150 ÷ 1.25 = 120 शब्द प्रति मिनट। ऊपर वाला टेस्ट यह आपके लिए करता है।

क्या ये आँकड़े हिन्दी पर लागू होते हैं?

इस पेज के संदर्भ आँकड़े अंग्रेज़ी अध्ययनों और गाइडों से हैं। हिन्दी में ये कुछ अलग हो सकते हैं क्योंकि शब्दों की लंबाई और बनावट अलग है, इसलिए सबसे भरोसेमंद यह है कि अपनी गति नापें और समय के साथ ख़ुद से तुलना करें।

क्या टेस्ट मेरी आवाज़ रिकॉर्ड करता है?

नहीं। यह शब्द गिनने के लिए आपके ब्राउज़र की वाक् पहचान इस्तेमाल करता है (Chrome में आवाज़ Google पर प्रोसेस होती है)। हम कुछ प्राप्त, रिकॉर्ड या सेव नहीं करते।

क्या यह हिन्दी में तकिया कलाम गिनता है?

हाँ, खुलकर बोलने के टेस्ट में: यह «मतलब», «यानी», «जैसे कि» जैसे शब्द और «हम्म» जैसी आवाज़ें गिनता है। ब्राउज़र कभी-कभी आवाज़ें छोड़ देते हैं, इसलिए वे गिनती से रह सकती हैं।

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